बिजली दर वृद्धि खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन 4 अगस्त से!

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मुंबई- प्रदेश की प्रमुख प्रदाता बिजली कंपनी महावितरण द्वारा 22 प्रतिशत बिजली दर वृद्धि करने के खिलाफ विद्युत उपभोक्ताओं ने आंदोलन छेड़ने का एेलान किया है। प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से 4 अगस्त से 14 अगस्त 2018 तक आंदोलन छेड़ा जाएगा।  यह फैसला मुंबई में हुई बीज ग्राहक और औद्योगिक संगठन की राज्यस्तरीय समन्वय समिति की बैठक में लिया गया। संगठन ने बिजली लॉस के बहाने सालाना 9 हजार करोड़ रुपए घोटाला किए जाने का आरोप लगाया है।  

9000 करोड़ रुपए घोटाले का आरोप 

प्रदेश में महावितरण के स्थानीय विभागीय अथवा जिला कार्यालय के बाहर मोर्चे आयोजित किए जाएंगे। बिजली दर वृद्धि के प्रस्ताव की प्रति जलाने के साथ ही स्थानीय मुख्य, अधीक्षक, कार्यकारी अभियंता, जिलाधिकारी, प्रांत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। राज्य के करीब 25 जिलों में 50 ठिकानों पर आंदोलन किया जाएगा। इसीतरह 31 जुलाई तक हर जिले से करीब एक हजार के अनुपात में 25 हजार से अधिक शिकायते राज्य नियामक आयोग में की जाएगी। हर जिले के विधायक, सांसद और मंत्री से मांग की जाएगी की वे प्रयास करें, राज्य सरकार इस दर वृद्धि को रद्द करे। 
 
बिजली मामलों के विशेषज्ञ और समिति के नेता प्रताप होगाडे के अनुसार प्रदेश के सभी 2.5 करोड़ बिजली ग्राहकों पर 1 रुपए 45 पैसे प्रति यूनिट अर्थात 22 फीसदी दर वृद्धि का प्रस्ताव महावितरण ने घोषित किया है। यह दर वृद्धि पडो़सी राज्यों की तुलना में 25 से 35 प्रतिशत ज्यादा है। यह दर वृद्धि लागू होने पर उद्योग नहीं टिक सकेंगे। कृषि पंपों की बिल भी 2.7 से 5 गुना अधिक हो जाएगी। घरेलू बिजली ग्राहकों के बिल में 17 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। हथकरघा कारोबार के बिजली बिल में भी बेतहाशा वृद्धि की होगी। 
 
होगाडे के मुताबिक महावितरण का यह प्रस्ताव प्रदेश के कृषि, औद्योगिक और सामाजिक विकास के दृष्टिकोण से बेहद घातक और विनाशकारी है। कृषि पंपों की बिजली दर को दोगुना करके 15 प्रतिशत वितरण लॉस को छुपाने की कोशिश की जा रही है। प्रति वर्ष हो रही 9 हजार करोड़ रुपए की चोरी और भ्रष्टाचार को  संरक्षण दिया जा रहा है। दूसरी ओर भ्रष्टाचार की राशि 90 पैसे प्रति यूनिट की दर से ग्राहकों पर लादी जा रही है। 
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