स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से महाराष्ट्र में जगी विकास की उम्मीद

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मुंबई- पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध हुए सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा के पर्यटन क्षेत्र स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के कारण नर्मदा का तटवर्ती क्षेत्र विश्व के नक़्शे पर आ चुका है। केवल दो सप्ताह के भीतर दो लाख से अधिक सैलानियों ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को भेट दी है। संकेत है कि आगामी समय में यह पर्यटन स्थल वैश्विक रूप धारण करेगा। इसके कारण उसके आस-पास के सीमावर्ती महाराष्ट्र परिसर का विकास होगा। इससे सैकड़ों आदिवासी गांवों को पर्यटनस्थल का लाभ मिलेगा, यह उम्मीद मंगलवार को महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री जयकुमार रावल ने व्यक्त की।

दो सप्ताह के भीतर दो लाख से अधिक सैलानी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने आए 

पर्यटन मंत्री रावल ने मंगलवार को विधान भवन में इस संबंध में एक बैठक आयोजित की थी। जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण परदेशी, पर्यटन विभाग की सचिव विनीता वेद-सिंघल, एमटीडीसी के प्रबंध निदेशक अभिमन्यु काले आदि उपस्थित थे। पटेल की नर्मदा तट पर बनी विशाल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रतिमा के उद्घाटन हुए दो सप्ताह बीते हैं। इस दो सप्ताह के भीतर लगभग दो लाख सैलानियों ने वहां भेट दी है। पूरा परिसर लोगों की भीड़ से खिल उठा है। इस नए विश्व कीर्ति के पर्यटनस्थल के कारण महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर स्थानीय होटल, लॉज, गाइड, मंदिर तथा वाहनों को लेकर किए जाने वाले छोटे-मोटे उद्योग व्यवसाय में बड़े पैमाने पर वृद्धि हुई है। आगामी समय में पर्यटकों को अपनी ओर खींचने में यह स्थल और अधिक महत्वपूर्ण होगा।

 

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