स्वच्छता अभियान में महाराष्ट्र ने अन्य राज्यों को पछाड़ा

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मुंबई – प्रदेश में स्वच्छता और खुले में शौच से मुक्ति के लिए गए कार्य की केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की प्रशंसा की है। केंद्रीय जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के सचिव परमेश्वर अय्यर ने खुले में शौच करने से मुक्ति और स्वच्छता के क्षेत्र में किए गए कार्यो को लेकर महाराष्ट्र को देश का अग्रणी राज्य बताया है

स्वच्छ भारत अभियान की समीक्षा करने के लिए केंद्रीय सचिव अय्यर ने मंत्रालय में मुख्य सचिव के केबिन में एक बैठक का आयोजन किया था। बैठक में केंद्रीय जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्यामलाल गोयल, ग्रामविकास विभाग के सचिव असीम गुप्ता भी मौजूद थे।

परमेश्वर अय्यर ने इस उपलब्धि के लिए राज्य के मुख्य सचिव दिनेश कुमार जैन समेत इस क्षेत्र में काम करने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का अभिनंदन किया है। स्वच्छ भारत अभियान की समीक्षा करने के लिए केंद्रीय सचिव अय्यर ने मंत्रालय में मुख्य सचिव के केबिन में एक बैठक का आयोजन किया था। बैठक में केंद्रीय जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्यामलाल गोयल, ग्रामविकास विभाग के सचिव असीम गुप्ता भी मौजूद थे।

केंद्रीय सचिव अय्यर ने कहा कि संपूर्ण महाराष्ट्र को खुले में शौच करने से मुक्त करके प्रदेश ने प्रशंसनीय कार्य किया है। खुले में शौच से मुक्त हुए गांवों के प्रमाणीकरण का कार्य जून के अंत तक पूरा करें। अय्यर ने कहा कि समूचा महाराष्ट्र खुले में शौच से मुक्त होकर देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत कर रहा है। स्वच्छता अभियान के कार्यान्वयन में भी महाराष्ट्र देश का अग्रणी राज्य बन गया है।

सीएम ने दिया सफाईकर्मियों को सेवा शामिल करने का निर्देश
बीएमसी के 2700 सफाईकर्मियों में जिन श्रमिकों के नाम में अंग्रेजी में स्पेलिंग त्रूटियां हुई हैं, उन श्रमिकों को तीन महीने के अंदर सेवा में शामिल करने का निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मनपा प्रशासन को दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है स्पेलिंग गलतियों के कारण सेवा में शामिल करने में दिक्कतें आ रही हैं,  तो यैसे कामगारों से क्षतिपूर्ती बंधपत्र (इंडेमिटी बांड) लेकर उन्हें अगले तीन महीने में सेवा में शामिल किया जाए।

बीएमसी के 2700 सफाईकर्मियों को सेवा में शामिल करने के मुद्दे को लेकर कई दिनों से विवाद चल रहा था। इस मामले का हल निकालने के लिए मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय में बैठक बुलाई थी। मुख्यमंत्री के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने श्रमिकों को सेवा शामिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट की सूची में जिन कामगारों के नाम शामिल हैं, उनकी पड़ताल की जाए। जिन नामों में अंग्रेजी की वर्तनी में त्रूटियां हैं, उनसे इंडेमिटी बांड भराया जाए। जिन कामगारों के नाम में स्पेलिंग की गलती के कारण नियुक्ति आदेश रदद् किए गए हैं, उन कामगारों की प्राथमिकता के साथ नियुक्ति दी जाए।

बैठक में भाजपा एमएलसी भाई गिरकर, कामगार विभाग के प्रधान सचिव राजेश कुमार, नगर विकास विभाग की प्रधान सचिव मनिषा म्हैसकर, बीएमसी आयुक्त अजोय मेहता, अतिरिक्त आयुक्त विजय सिंघल आदि मौजूद थे। कचरा यातायात श्रमिक संघ के महासचिव मिलिंद रानडे ने मुख्यमंत्री को पूरे मामले की जानकारी दी।
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