मिलिंद देवड़ा और अरविंद सावंत में तनातनी 

Download PDF
मुंबई। दक्षिण मुंबई संसदीय सीट पर मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। जैन समुदाय को लेकर की गई बयानबाजी के बाद शिवसेना ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलिंद देवड़ा के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इसके जवाब में मिलिंद ने पलटवार किया है कि शिवसेना प्रत्याशी अरविंद सावंत के विरूद्ध विभिन्न धाराओं के तहत 13 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनके खिलाफ कोर्ट ने समन भी जारी किया है।  
सावंत पर दर्ज हैं 13 गंभीर आपराधिक मामले-  मिलिंद 
एमपीसीसी कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मिलिंद ने कहा कि वे पिछले 15 वर्षों से राजनीति से जुड़े हुए हैं। उनके खिलाफ एक भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। वे हमेशा पारदर्शी राजनीति और सामाजिक कार्य करताे आ रहे हैं।  क्षेत्र के मतदाताओं को इस पर विचार करना चाहिए और सही निर्णय लेना चाहिए। मिलिंद ने कहा कि चुनाव आयोग ने अनिवार्य किया है उम्मीदवारों को अपने उपर दर्ज अपराधिक मामलों की जानकारी देनी चाहिए। सावंत ने अपने चुनावी  हलफनामें में  13 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने का उल्लेख किया है। परंतु सार्वजनिक जानकारी नहीं दी है। 
 
मिलिंद के अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 के चुनाव में वादा किया था कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना करके, सांसदों के अपराध से जुड़े मामलों पर फैसला लिया जाएगा। कोर्ट में सुनवाई के दौरान सावंत 16 तारीखों पर गैर-हाजिर रहे। अदालत ने उन्हें 27 मार्च 2019 को अंतिम मौका दिया था। कोर्ट ने सावंत के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है, साथ ही 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सावंत अदालत की अनुपस्थिति का कारण बता रहे हैं कि वे राज्य सरकार और पुलिस के साथ चर्चा करके इन 13 अपराधों को रद्द करने की तैयारी कर रहे हैं। इसका अर्थ है वे पद और सरकार का दुरुपयोग कर रहे हैं।
 
मिलिंद के मुताबिक चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, उम्मीदवारों को अपने अपराध की जानकारी तीन अखबारों में तीन बार विज्ञापन के जरिए देनी अनिवार्य है। लेकिन सावंत ने ऐसा कुछ भी नहीं किया है। सावंत को अखबारों के माध्यम से अपने उपर दर्ज अपराधों को सार्वजनिक करनी चाहिए। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व विधायक चरणसिंह सप्रा और मुंबई कांग्रेस के महासचिव संदेश कोंडिलकर उपस्थित थे।
Download PDF

Related Post