महाराष्ट्र के खुले में शौचमुक्त होने की मुख्यमंत्री की घोषणा झूठी- एनसीपी

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मुंबई – महाराष्ट्र को खुले में शौच से मुक्त करने की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस की घोषणा पूरी तरह झूठी व बेबुनियाद है। उन्होंने इस तरह की घोषणा किस जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर अथवा ऑडिट की रिपोर्ट के आधार पर की है, इसका खुलाशा करना चाहिए। इस तरह की जानकारी आज राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने मुंबई में पत्रकारों को संबोधित करते हुए की है।

युपीए सरकार के कार्यकाल में निर्मल भारत योजना व संत गाडगे बाबा ग्रामस्वच्छता अभियान लागू किया गया था और इनकी किसी भी तरह की विज्ञापनबाजी नहीं की गई थी । मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री उनके साथ सुबह मार्निंग सफारी पर आएं , वह उन्हें दिखा देंगे कि महाराष्ट्र अभी तक खुले में शौच से मुक्त नहीं हुआ है।

नवाब मलिक ने कहा कि महाराष्ट्र को खुले में शौचमुक्त करने के लिए राज्य सरकार ने 4 हजार 71 करोड़ रुपए खर्च किया है। इतनी बड़ी घोषणा करने के लिए बड़े पैमाने पर विज्ञापनबाजी की गई , जबकि इसके पहले युपीए सरकार के कार्यकाल में निर्मल भारत योजना व संत गाडगे बाबा ग्रामस्वच्छता अभियान लागू किया गया था और इनकी किसी भी तरह की विज्ञापनबाजी नहीं की गई थी । मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री उनके साथ सुबह मार्निंग सफारी पर आएं , वह उन्हें दिखा देंगे कि महाराष्ट्र अभी तक खुले में शौच से मुक्त नहीं हुआ है। इस मार्निंग सफारी का सारा खर्च वह खुद वहन करने के लिए तैयार हैं।

मलिक ने कहा कि अहमदनगर दोहरे शिवसैनिक हत्याकांड मामले में पुलिस राकांपा कार्यकर्ताओं को जानबुझकर परेशान कर रही है। इतना ही नहीं पुलिस की कस्टडी में राकांपा नगरसेवक कैलाश गिरवले की मौत हो गई है। मलिक ने कहा कि इसकी जांच की जानी चाहिए वर्ना राकांपा रास्ते पर उतरकर आंदोलन करेगी।

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