महाराष्ट्र की पांच नदियों के जल प्रारूप को मंजूरी

Download PDF
मुंबई- महाराष्ट्र की कृष्णा, तापी, नर्मदा, पश्चिम वाहिनी नदियों और महानदी घाटियों के एकात्मिक राज्य जल प्रारूप को मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में हुई प्रदेश जल परिषद की पांचवी बैठक में यह निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने राज्य की सभी घाटियों का एकत्रित एकात्मिक जल प्रारूप तैयार करने के काम को 15 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिया है।
कृष्णा घाटी के पानी का उचित नियोजन और सभी शहरों को आगामी तीन वर्षो में गंदे पानी का फिर से इस्तेमाल करने की सूचना दी गई है। कोकण में नदी घाटी के जल का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग करने के लिए भविष्य में नई प्रणाली के इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस के अनुसार प्रदेश जल परिषद और जल संशाधन विभाग ने राज्य की नदी घाटियों का प्रारूप तैयार करके इतिहासिक कार्य किया है। नदी घाटियों का प्रारूप तैयार करनेवाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है। कृष्णा घाटी के पानी का उचित नियोजन और सभी शहरों को आगामी तीन वर्षो में गंदे पानी का फिर से इस्तेमाल करने की सूचना दी गई है। कोकण में नदी घाटी के जल का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग करने के लिए भविष्य में नई प्रणाली के इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है। इस शिविर में परिषद के उपाध्यक्ष एवं जलसंसाधन मंत्री गिरीश महाजन, उद्योग मंत्री सुभाष देसाई सहित वरिषण अधिकारी मौजूद थे।
राज्य में गोदावरी, कृष्णा, तापी, नर्मदा, पश्चिम वाहिनी नदियां और महानदी आदि छह घाटियों का अध्ययन करके एक स्वतंत्र प्रारूप तैयार किया गया है। इसमें से गोदावरी घाटी के जल प्रारूप को 30 नवंबर 2017 को अनुमति प्रदान की गई थी। जल प्रारूप मंजूर होने से अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी।
Download PDF

Related Post