हम तो दोस्ती के लिए तैयार, शिवसेना भी तो बढ़ाए हाथ- मुख्यमंत्री

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मुंबई- पालघर संसदीय सीट के उपचुनाव में मिली पार्टी उम्मीदवार की जीत पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पालघर में भाजपा को बड़ी सफलता मिली है। यह हमारे लिए आनंद की बात है। लेकिन यह उपचुनाव क्लेशदायक हुआ। मित्र दल शिवसेना ने हमारे दिवंगत नेता चिंतामन वनगा के बेटे को चुनाव में उतारा, जिससे दोनों दलों में कड़वाहट निर्माण हुई। यह मसला अब समाप्त हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवसेना के साथ गठबंधन करने की हमारी तैयारी है, लेकिन शिवसेना को भी कदम आगे बढ़ाना चाहिए। पार्टी प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया। इससे पहले उद्धव ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए पालघर उपचुनाव को लेकर भाजपा पर हमला बोला था। उद्धव ने कहा कि बीते चार साल में भाजपा ने विश्वसनीयता खो दी है।

ईवीएम मशीन का सबसे ज्यादा नुकसान हमें हुआ है। मीडिया ने भी हमें दोषी ठहराया। चुनाव के दौरान मशीनें बंद पड़ गई। इस पर चुनाव आयोग को ध्यान देना चाहिए था। इसका स्पष्टीकरण चुनाव आयोग की ओर से दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवसेना प्रमुख दिवंगत बालासाहेब ठाकरे युति के शिल्पकार हैं। बालासाहेब के प्रति भाजपा के हर एक कार्यकर्ता के मन में सम्मान है।

शिवसेना अपने फैसले पर अडिग है। आगामी चुनाव शिवसेना अपने दम पर ही लड़ेगी। उद्धव ने कहा कि भले ही साम,दाम दंड, भेद जीता हो। लेकिन पालघर की पराजय को हम पराजय नहीं मानते। उपचुनाव में शिवसेना ने भाजपा के पसीने छुड़ा दिए। उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक रात में एक लाख वोट कैसे बढ़ गए। इस मामले में जरूरत पड़ी तो पार्टी कोर्ट में याचिका दायर करेगी। इधर मुख्यमंत्री ने कहा कि ईवीएम मशीन का सबसे ज्यादा नुकसान हमें हुआ है। मीडिया ने भी हमें दोषी ठहराया। चुनाव के दौरान मशीनें बंद पड़ गई। इस पर चुनाव आयोग को ध्यान देना चाहिए था। इसका स्पष्टीकरण चुनाव आयोग की ओर से दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवसेना प्रमुख दिवंगत बालासाहेब ठाकरे युति के शिल्पकार हैं। बालासाहेब के प्रति भाजपा के हर एक कार्यकर्ता के मन में सम्मान है।

भाजपा हमेशा शिवसेना के साथ रहने के लिए तैयार रहती है। हमें नहीं लगता कि शिवसेना विरोधियों के साथ जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी ने शिवसेना से गठबंधन करने से कभी इनकार नहीं किया। शिवसेना हमारी मित्र दल है। सीट बंटवारे का मसला हो या अन्य कोई मामला। बातचीत के जरिए मसले सुलझाए जाते रहे हैं। हम मिल-जुलकर सीट का बंटवारा भी कर लिया करते थे। दोस्ती के लिए हमेशा हमने पहल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम शिवसेना के साथ गठबंधन बरकरार रखने के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन शिवसेना को भी आगे आना चाहिए। एक तरफा दोस्ती कैसे हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भंडारा-गोंदिया की हार वे स्वीकार करते हैं। इस पर मंथन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवसेना और भाजपा की विचारधारा एक है। एक ओर कांग्रेस और एनसीपी एकजुट हो रहे हैं, दूसरी तरफ हमारे बीच दूरियां बढ़ रही हैं। इससे भाजपा-शिवसेना दोनों का नुकसान होगा। हम शिवसेना से गठबंधन के पक्ष में हैं। हालांकि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हम शिवसेना से डरते हैं। याद रखा जाए कि पालघर उपचुनाव हमने भी अपने दम पर लड़ा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और कृषि मंत्री पांडुरंग फुंडकर के निधन के कारण पार्टी ने जीत का जश्न नहीं मनाया। मुख्यमंत्री ने फुंडकर के निधन पर शोक जताया है।

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