मनसे से क्यों क़तरा रही है एनसीपी !

Download PDF
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक दल नेता अजीत पवार ने भले ही राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को साथ लेने की पैरवी की हो, लेकिन एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल का कहना है कि मनसे यदि अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ती है तो इसका फायदा कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को मिलेगा। एनसीपी की बैठक में मनसे को महागठबंधन में शामिल नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
आठ सीटें सहयोगी दलों को देने का फैसला 
 पटेल मुंबई में गुरुवार को वाईबी चव्हाण सभागृह में हुई पार्टी नेताओं की बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। पटेल ने बताया कि कांग्रेस और एनसीपी महाराष्ट्र में समविचारी दलों के साथ गठबंधन कर संयुक्त रुप से चुनाव लड़ेगी और राज्य की 48 सीटों में से 35 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेगी। महागठबंधन सहयोगी दलों के लिए 8 सीटे छोडऩे के लिए तैयार है,लेकिन अगर सहयोगी दल साथ आने को तैयार नहीं हुए तो कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन उन 8 सीटों पर भी अपना उम्मीदवार उतारेगी। गुरुवार को नरीमन पाईंट स्थित यशवंत राव चव्हाण प्रतिष्ठान में आगामी चुनाव को लेकर एनसीपी नेताओं की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक की अध्यक्षता खुद शरद पवार कर रहे थे।
बैठक में माढ़ा लोकसभा सीट से शरद पवार को लोकसभा चुनाव लडऩे की मांग की गई। शरद पवार ने बैठक में अपना निर्णय घोषित नहीं किया है। बहुत जल्द शरद पवार इस संदर्भ में अपना निर्णय घोषित करने वाले हैं। बैठक में उपस्थित नेताओं ने मनसे को लेकर भी चर्चा की । लेकिन बैठक में मनसे को महागठबंधन में शामिल न किए जाने का निर्णय लिया गया है। राज ठाकरे इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में है, इसलिए मनसे अगर अकेले दम पर चुनाव लड़ती है तो इसका लाभ खुद महागठबंधन को होगा.
Download PDF

Related Post