नहीं निकला हल, बेस्ट की हड़ताल जारी, परेशान मुंबईकर

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मुंबई  । बीते एक सप्ताह से चल रही बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल का हल सोमवार को भी नहीं निकल सका। सोमवार को बांबे हाई कोर्ट में सोमवार को हुए मामले की सुनवाई हुई लेकिन ठोस नतीजा नहीं निकल सका। कोर्ट ने हड़ताली कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए राज्य सरकार को मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक लेकर और उसकी रिपोर्ट  बंद लिफाफे में अदालत को दोपहर तीन बजे तक सौंपने का निर्देश दिया है। 

भाजपा और शिवसेना में तनातनी , मनसे भी उतरी मैदान में

हाई कोर्ट ने सोमलार को मामले की सुनवाई करते हुए हड़ताली कर्मचारियों को फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि किसी समस्या का हल हड़ताल नहीं हो सकती। लोगों को परेशान करना गलत है। लगा था कि यूनियन शुक्रवार कर हड़ताल समाप्त कर देगी और बातचीत के जरिए मसले का हल निकालेगी। कोर्ट के आदेश पर उच्च स्तरीय समिति की बैठक मंगलवार को सुबह 11 बजे होगी। राज्य सरकार का पक्ष अदालत में रखते हुए महाधिवक्ता आशुतोष कुम्भकोणी ने कहा कि  बेस्ट कर्मचारियों के संगठन शीघ्र हड़ताल वापस लें और बातचीत के लिए आगे आएं। मनपा की ओर से कहा गया कि बेस्ट चालकों और कंडक्टर का वेतन तकरीबन 15 हजार रुपए से 18 हजार रुपए है, कहना गलत है। उच्च स्तरीय समिति कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है। 

बेस्ट कामगार कृति समिति की ओर से कहा गया कि बेस्ट कर्मचारियों का वेतन मनपा में काम करने वाले सफाईकर्मियों से भी कम है। इतने कम वेतन में वे अपने परिवार का पालन पोषण करें। ड्राइवरों को 21000 महीने का वेतन देने के बाद बेस्ट पर सिर्फ 160 करोड़ रुपए का ही अतिरिक्त भार पड़ेगा। हमारी मांगों पर प्रशासन एक दिन में निर्णय ले। हम जल्द हड़ताल वापस ले लेंगे। राज्य सरकार कर्मचारियों को तत्काल कुछ राहत तो दे। बाक़ी मांगों को हम औद्योगिक कोर्ट में पेश करने के लिए तैयार हैं।  

मनसे भी उतरी मैदान में 

बेस्ट की हड़ताल से मुंबई वासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को राज ठाकरे की मनसे के कार्यकर्ता बेस्ट कर्मचारियों के समर्थन में सड़क पर उतरे और प्रदर्शन किया। मनसे कार्यकर्ताओं ने सरकारी कामों में खलल डाली और कई जगहों पर काम बंद करा दिया। मनसे कार्यकर्ताओं ने मुंबई मनपा और राज्य सरकार की ओर से शुरु गिरगांव में मेट्रो-3 व कोस्टल रोड का काम जबरन बंद करा दिया । उग्र कार्यकर्ताओं ने मेट्रो का काम कर रहे श्रमिकों को खदेड़ दिया। साथ ही अस्थाई कार्यालय को ताला जड़ दिया। मनसे कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और मुंबई मनपा ते खिलाफ जमकर नारे लगाए। नवी मुंबई में भी मनसे कार्यकर्ताओं ने बसों की आवाजाही रोक दी। मनसे की ओर से धमकी दी गई है कि जब तक बेस्ट कर्मचारियों को न्याय नहीं मिल जाता , तब तक सरकार अथवा मनपा का एक भी काम नहीं होने दिया जाएगा। मनसे महासचिव संदीप देशपांडे के मुताबिक अगर कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार ,मनपा और बेस्ट प्रशासन की होगी। 

 क्या है मामला  

बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश पर उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। बेस्ट कामगार कृति समिति के अध्यक्ष शशांक राव ने कर्मचारियों की मांग मान्य होने तक हड़ताल जारी रखने का संकेत दिया है। पिछले सप्ताह सोमवार को मध्यरात्रि से बेस्ट कामगारों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल शुरू की है। इन मांगों में बेस्ट प्रशासन का वार्षिक बजट को मुंबई मनपा के बजट में समाविष्ट करने की मांग प्रमुख है। साथ ही वेतन ग्रेड में सुधार, पेंशन, ठेका कर्मचारियों को स्थाई करने जैसी अन्य प्रमुख मांगें शामिल हैं। 

भाजपा और शिवसेना में तनातनी

बेस्ट की हड़ताल को लेकर भाजपा और शिवसेना में तनातनी के आसार नजर आने लगे हैं। राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष और भाजपा नेता हाजी अराफात शेख ने इस लेकर शिवसेना पर हमला बोला है। अराफात ने आरोप लगाया है बेस्ट की हड़ताल के लिए शिवसेना के नेता जिम्मेदार हैं। अराफात ने कहा है वे बेस्ट हड़ताल के मसले का हल निकालने के लिए सड़क पर उतरेंगे। 


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