2019 का चुनावी घमासान शुरू, मित्र दलों की संयुक्त प्रचार सभा

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मुंबई। कांग्रेस और एनसीपी की 20 फरवरी यानी बुधवार को पहली संयुक्त प्रचार सभा नांदेड़ में होने जा रही है। इस रैली की जोरदार तैयारियां की गई हैं। इसमें एनसीपी मुखिया शरद पवार, कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण, पीआरपी पार्टी के प्रमुख जोगेंद्र कवाड़े समेत दोनों दलों के आला नेता शामिल होंगे। इसीतरह 23 फरवरी को परली आयोजित होनेवाली सभा में भी दोनों पार्टियां अपनी ताकत दिखाएंगी।  
कांग्रेस-एनसीपी महागठबंधन ने फूंका चुनावी विगुल 
नांदेड़ जिले के स्टेडियम परिसर में इंदिरा गांधी मैदान में बुधवार को शाम पांच बजे आयोजित होनेवाली सभा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कांग्रेस-एनसीपी की ओर से शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के सभा स्थल तक ले जाने और ले आने की व्यवस्था की गई है। सभा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवाजी राव निलंगेकर, पूर्व मंत्री छगन भुजबल सहित कांग्रेस- राकांपा समर्थक दलों के नेता भारी मात्रा में उपस्थित रहने वाले हैं। अशोक चव्हाण ने बताया कि 23 फरवरी को बीड़ जिले के परली में महागठबंधन की दूसरी विशाल सभा का आयोजन किया गया है। इस सभा में भी महागठबंधन के बड़े नेता शामिल होंगे।  

महागठबंधन में राज ठाकरे को शामिल करने पर सपा का विरोध

मुंबई। समाजवादी पार्टी की महाराष्ट्र इकाई ने राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को महागठबंधन में शामिल करने पर कड़ा एेतराज जताया है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी के साथ पार्टी का गठबंधन नहीं हुआ तो पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। दरअसल कांग्रेस के दक्षिण मुंबई के जिला अध्यक्ष व पूर्व मंत्री मिलिंद देवड़ा ने शिवसेना और मनसे की तुलना करते हुए राज ठाकरे की पैरवी की है।

राणे की पार्टी लड़ेगी अकेले चुनाव, परंतु राणे नहीं छोड़ेंगे भाजपा का कोटा

मुंबई। भाजपा कोटे से राज्यसभा के सदस्य व पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने अपनी महाराष्ट्र स्वाभिमान पार्टी (एमएसपी) के उम्मीदवारों को उतारने का एेलान किया है। उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी अपने दम पर लेकसभा और विधान सभा की चुनाव लड़ेगी। परंतु राज्यसभा की सदस्यता से उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार किया है।
 
राणे ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वह राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं देंगे। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाया है, इसलिए वह चुनाव में भाजपा के विरुद्ध बयानबाजी नहीं करेंगे। राणे के मुताबिक वे भाजपा की चुनावी घोषणा पत्र समिति से मुक्त होने के लिए भाजपा नेतृत्व को पत्र लिखेंगे। एमएसपी का चुनावी घोषणापत्र वे खुद तैयार करेंगे। हालांकि उनकी पार्टी एमएसपी लेकसभा और विधानसभा चुनाव में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, इसका खुलासा राणे ने नहीं किया है। राणे के अनुसार जल्द सीटों के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
  
भाजपा और शिवसेना के चुनाव समझौते पर पूछे जाने पर राणे ने शिवसेना की चुटकी ली। उन्होंने कहा कि अब शिवसेना में स्वाभिमान नहीं बचा है। पहलेवाली शिवसेना अब नहीं रही। सिर्फ मातोश्री के फायदे के लिए शिवसेना ने भाजपा के साथ गठबंधन किया है। इसका लाभ शिवसेना को नहीं होगा। शिवसेना के मात्र 10 सांसद और 25 विधायक ही विजयी होंगे। इस पूरे मामले में शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत की किरकिरी हुई है।
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