मौसम बदलाव के अध्ययन के लिए समिति का गठन 

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मुंबई- मौसम में होनेवाले बदलाव और उससे होनेवाले परिणाम का अध्ययन करने के लिए विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्यों की एक संयुक्त समिति गठित की गई है। विधान परिषद के सभापति रामराजे नाईक निंबालकर और विधानसभा के अध्यक्ष हरीभाऊ बागड़े की अध्यक्षता में यह समिति गठित की गई है। दोनों सदनों के कुल 15 सदस्यों को समिति में शामिल किया गया है। यह जानकारी सभापति ने शुक्रवार को विधान परिषद में दी।

वातावरण में होनेवाले बदलाव का व्यापक संशोधन और पर्यावरण संतुलन के लिए नई मशीनरी का निर्माण किया जाएगा। मौसम बदलाव के लिए अनुकूल नीति बनाई जाएगी।

सभापति ने कहा कि समिति में पर्यावरण मंत्री, पर्यावरण राज्यमंत्री के साथ विधानसभा के ग्यारह और विधान परिषद के चार सदस्य शामिल होंगे। विधान परिषद के हेमंत टकले, संजय दत्त, अनिल परब और विनायक मेटे को समिति में शामिल किया गया है। समिति प्रदेश में मौसम के बदलाव, अनुकुल नीति के लिए विभिन्न उपाय योजना, चर्चा, जनजागृति, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगोष्ठी का आयोजन करेगी। वातावरण में होनेवाले बदलाव का व्यापक संशोधन और पर्यावरण संतुलन के लिए नई मशीनरी का निर्माण किया जाएगा। मौसम बदलाव के लिए अनुकूल नीति बनाई जाएगी।

सभापति ने कहा कि वातावरण बदलाव और ग्लोबल वॉर्मिंग 21 वीं सदी का सबसे गंभीर मसला है। प्रकृति का चक्र अनियमित होने से जल-वायु जैसे प्राकृतिक स्त्रोतों पर असर पड़ता है। कृषि पर संकट बढ़ रहा है। बढ़ते शहरीकरण से महानगरों में कचरा, गंदा पानी जैसी समस्याएं निर्माण हो रही हैं। इस पर राज्य सरकार की ओर से वैज्ञानिक पद्धति से काम किया जाना जरूरी है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल इन समस्याओं को सुलझा पाने में सक्षम नहीं है। पर्यावरण सुरक्षा और संशोधन के लिए नई मशीनरी तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय प्रावधान की जरूरत है। इसमें नदी संरक्षण, भूगर्भ का जलस्तर बढ़ने, जमीन की गुणवत्ता सुधारने जैसे कई मुद्दे शामिल किए जाएंगे।

 

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