किसानों करेंगे 27 मार्च को मंत्रालय का घेराव

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मुंबई। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर महाराष्ट्र के किसानों ने फिर हुंकार भरी है। नाशिक से 20 मार्च को किसानों का लांग मार्च निकलेगा और 27 मार्च को मंत्रालय पर पहुंचेगा। यह जानकारी किसान नेता अजीत नवले ने दी है। 

किसानों के साथ वादाखिलाफी का आरोप

नवले का आरोप है कि मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस ने किसानों के साथ वादाखिलाफी की है। नवले के मुताबिक किसानों को उनकी उपज की वाजिब दर नहीं मिल रही है। जब उपज के दाम बढ़ते हैं तो भाव कम कराने के लिए राज्य सरकार हस्तक्षेप करती है। सरकार उपज के दाम कम करा देती है। दूसरी ओर सरकार कीटनाशकों और खाद के दाम निर्धारित नहीं कर पाती। शहरी लोग किसानों की कर्ज माफी पर सवाल उठाते हैं। वे कहते हैं कि किसानों को कितनी बार कर्ज माफी दी जाए। किसानों के साथ जो लूट हुई है, हम वही मांग रहे हैं। यह कर्ज माफी नहीं है। नवले ने सवाल उठाया कि उद्योगों के टैक्स माफ और कर्ज माफी मिलाकर राज्य सरकार ने 18 लाख करोड़ रुपए की  ऋण  माफी दी है। इस पर न कोई आपत्ति जताता है और न ही बोलने को तैयार है। किसानों के मामले में एेसा क्यों। एक भी उद्ममी ने खुदकुशी नहीं की है जबकि रोज किसान मर रहे हैं। किसान और उद्यमी दोनों भारत के नागरिक हैं तो दोनों को अलग-अलग न्याय क्यों?

नवले के अनुसार अब सरकार से नीतिगत निर्णय, कानूनी लड़ाई के बाद तीसरा चरण सड़क पर संघर्ष का होगा। जब तक संपूर्ण कर्ज माफी नहीं मिल जाती, हम पीछे नहीं हटेंगे। पाली हाउस के किसानों पर 10 लाख, 20 लाख, 40 लाख रुपए का ऋण है।   सरकार ने इन किसानों का डेढ़ लाख रुपए का कर्ज माफी देने जा रही है। शेष कर्ज का भुगतान करने की शर्त रखी गई है।  लिहाजा हम 10 लाख रुपए से 40 लाख रुपए का कर्ज भरें इसके बाद हमें डेढ़ लाख रुपए मिलेंगे। यह राज्य सरकार की ऋण माफी नहीं बल्कि कर्ज वसूली अभियान है। सरकार जितने पैसे कर्ज माफी के नहीं दे रही है, उससे कई गुना वसूली करने की जुगाड़ में है। 

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