#hybridbus : A bus without gear & clutch in Mumbai!!

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मुंबई में दौड़ेगी बिना गियर और क्लच की बसें
– हाईब्रीड बस सेवा शुरू  
 
मुंबई, 17 मार्च (हि.स) – आटो गियर शिफ्ट तकनीक की ओर राज्य सरकार ने भी कदम बढ़ा दिया है। मुंबई की सड़कों पर अब बिना गियर और क्लच की बसें दौड़ेगीं। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) की ओर से यह अत्याधुनिक बसें महानगर की सड़कों पर उतारी गई हैं, जो मेक इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत में निर्मित की गई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री अनंत गीते की उपस्थिती में हाईब्रीड बस सेवा का शुभारंभ किया गया। बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स क्षेत्र के लिए 25 बसों को हरीझंडी दिखाकर रवाना किया गया। बेस्ट को इस तकनीक की 80 बसें देने का आश्वासन अनंत गीते ने दिया है।   
 
मुंबई जैसे भीड़भाड़वाले महानगर में ट्राफिक जाम और प्रदूषण की समस्या विकट होती जा रही है। सरकार का तर्क है यदि ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग किया जाए तो इस समस्या से निपटा जा सकता है। एमएमआरडीए की हाईब्रीड बस सेवा इसमें मददगार साबित होगी। इसके माध्यम से शतप्रतिशत इलेक्ट्रिक मोबिलीटी पर आधारित परिवहन व्यवस्था का निर्माण करने का प्रयाश होगा। भविष्य में सभी बसें इलेक्ट्रिक पर चलाई जाएंगी। 
 
People clicking selfies in the Hybrid Bus

हाईब्रीड बसों की विशेषता 

वातानुकूलित हाईब्रीड बस में 31 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। यह बसें बोरीवली, ठाणे, मुलुंड, खारघर से बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स के मार्ग पर चलेंगी। सुबह 7.30 से 8.30 और शाम को 6 ले 7 बजे तक बसों की फेरियां होंगी। बीकेसी परिसर के नजदीकी रेलवे स्टेशनों के लिए सटल सेवा होगी। इस सेवा को बेस्ट संचालित करेगा। हाईब्रीड तकनीक से कार्बन उत्सर्जन में 30 प्रतिशत की बचत होगी। अन्य बसों की तुलना में 28.24 फीसद इंधन की बचत होगी। पूरी तरह से इलेक्ट्रानिक अथवा फ्यूल सेल में परिवर्तन करने की क्षमता होगी। जीपीआरएस तकनीक से लैस हाईब्रीड बसों में एसी, टीवी, वाई-फाई और सीसीटीवी कैमरे की सुविधा है। आरामदायी सीटें हैं। विकलांगों के लिए विशेष सीट और चढ़ने-उतरने के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था है। 
 
पब्लिक ट्रांसपोर्ट ही आखिरी विकल्प 
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री अनंत गीते सहित संबंधित विभागों के आला अधिकारियों की उपस्थिती में सहयाद्री गेस्ट हाऊस में योजना का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री के मुताबिक बीकेसी में बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही से ट्राफिक जाम और प्रदूषण की समस्या निर्माण हो रही है। एमएमआरडीए ने ओवर ब्रीज बनाकर परिवहन का प्रबंध किया है। परंतु चाहे जितनी सड़के बना ली जाएं, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का उपयोग किए बिना यह समस्या हल नहीं होगी। भविष्य में इलेक्ट्रिक परिवहन व्यवस्था पर ही निर्भर होना पड़ेगा। 

 

सभी बसें होंगी इलेक्ट्रिक 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में सभी बसों को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक तकनीक पर लाया जाएगा। इसके लिए चार्जिंग नीति बनाई गई है।  मुंबई के ‘बेस्ट’ को भी अपनी सभी बसों को इलेक्ट्रिक बनाना होगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार बेस्ट को हरसंभव मदद देगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि हाईब्रीड बसों से बीकेसी में वाहनों की संख्या में कमी आएगी और प्रदुषण में 30 से 40 प्रतिशत की कमी आएगी। 
 
बेस्ट को मिलेगीं और 80 इलेक्ट्रिक बसें 
केंद्रीय मंत्री गीते के अनुसार केंद्र सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय की विशेष फेमा इंडिया योजना के माध्यम से एमएमआरडीए को हाईब्रीड बसों के लिए सब्सिडी दी गई है। भारी उद्योग मंत्रालय की इस नई योजना में शामिल होने के लिए, देश में सबसे पहले महाराष्ट्र सरकार और एमएमआरडीए ने रूचि दिखाई। इससे पहले उद्योग मंत्रालय की ओर से बेस्ट को 40 बसें दी गई थी। बेस्ट को शीघ्र और 80 बसें दिए जाने की घोषणा केंद्रीय मंत्री ने की। 
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