एमयू की दुर्गति के लिए सरकार और राज्यपाल जिम्मेदार- कांग्रेस 

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मुंबई- कांग्रेस ने मुंबई विश्वविद्यालय (एमयू) के गिरते शिक्षा स्तर को लेकर राज्य सरकार और राज्यपाल सी. विद्यासागर राव की कड़ी आलोचना की है। केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई शिक्षा संस्थानों की आंकड़ेवारी का हवाला देते हुए पार्टी के प्रदेश महासचिव सचिन सावंत ने आरोप लगाया है एमयू का क्रमांक डेढ़ सौ से भी नीचे चला गया है। एमयू की दुर्गति के लिए राज्य सरकार और राज्यपाल जिम्मेदार हैं।
एमयू वैश्विकस्तर पर पहले 500 शिक्षा संस्थानों में अपना मुकाम रखता था। एशिया खंड में 150 वां स्थान प्राप्त करनेवाला एमयू देश के 150 शिक्षा संस्थानों में भी अपना जगह नहीं बना पाया है।
सावंत के मुताबिक वर्ष 1857 में स्थापित एमयू का देश के शिक्षा संस्थानों में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। देश की कई मशहूर हस्तियों ने इस विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। लेकिन अब स्थितियां बदल गई हैं। कभी एमयू वैश्विकस्तर पर पहले 500 शिक्षा संस्थानों में अपना मुकाम रखता था। एशिया खंड में 150 वां स्थान प्राप्त करनेवाला एमयू देश के 150 शिक्षा संस्थानों में भी अपना जगह नहीं बना पाया है। तकरीबन 8 लाख विद्यार्थी संख्यावाले एमयू के शिक्षा स्तर में पिछले दो-तीन वर्षो से लगातार गिरावट आ रही है। परीक्षा पद्धति, परीक्षा परिणाम की प्रक्रिया और शिक्षा स्तर में कमी आई है। प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र चौपट हो गया है। राज्य के शिक्षक और विद्यार्थी सड़क पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं।
सावंत ने कहा कि राज्यपाल और सरकार का शिक्षा की ओऱ संघ विचारधारा के चश्मे से देखने का दृष्टिकोण और शिक्षास्तर से ज्यादा संघ विचारधारा को थोपना, गलत नीति, भ्रष्टाचार और अयोग्य व्यक्ति की महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति, इसके लिए जिम्मेदार है। पिछले कई महीने से उपकुलपति सहित विश्वविद्यालय के सभी वरिष्ठ अधिकारी प्रभारी हैं। नए उपकुलपति की चयन प्रक्रिया पिछले चार महीने से लंबित है। चयन समिति भी विवादों में घिर गई है। इस संबंध में कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। सावंत ने कहा कि पुणे विश्वविद्यालय को छोड़ दें तो राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों की स्थिति महाराष्ट्र जैसे प्रगतिशील राज्य के लिए शोभनीय नहीं हैं। दूसरी ओर प्रदेश के अन्य निजी शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों ने अपना स्तर कायम रखते हुए दिखाया है कि महाराष्ट्र की शिक्षा में अभी गुणवत्ता बची हुई है।
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