नाणार परियोजना: तू डाल डाल, मैं पात पात !

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भाजपा और शिवसेना में ठनी

मुंबई- कोकण की प्रस्तावित नाणार रिफाइनरी परियोजना को लेकर भाजपा और शिवसेना आमने-सामने आ गए हैं। परियोजना का विरोध कर रही शिवसेना को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि कोकण के विकास के लिए राज्य सरकार को फैसला लेने का अधिकार है। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण करने की अधिसूचना रद्द नहीं की गई है। शिवसेना मंत्री के कहने पर अधिसूचना रद्द नहीं हो सकती। इधर शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनौती दी है कि पार्टी किसी भी हाल में परियोजना को नाणार में नहीं लगने देगी।
एक तरफ़ शिवसेना नेता और राज्य के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने परियोजना की अधिसूचना रद्द करने की घोषणा की तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने यह कहते हुए देसाई के बयान की हवा निकाल दी है कि उद्योग मंत्री को अधिसूचना रद्द करने का अधिकार नहीं है। राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण की किसी भी अधिसूचना को रद्द नहीं किया है और न ही रद्द की जाएगी। इससे पहले नाणार इलाके के 27 गांवों के लोगों ने शिवसेना की सभा का  बहिष्कार करने की घोषणा की थी। ग्राम वासियों का आरोप है कि शिवसेना उन्हें फंसा रही है। 
 शिवसेना पक्ष प्रुमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को नाणार में सभा लेकर भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि परियोजना नहीं लगने दी जाएगी। इधर शिवसेना नेता और राज्य के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने परियोजना की अधिसूचना रद्द करने की घोषणा की। नाणार परियोजना को लेकर भाजपा और शिवसेना में टकराव बढ़ गया है। मंत्री देसाई के इस बयान से परियोजना को लेकर संभ्रम बढ़ गया है। शिवसेना नेताओं का कहना है कि परियोजना अच्छी है तो उसे विर्दभ या गुजरात ले जाओ। दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने यह कहते हुए देसाई के बयान की हवा निकाल दी है कि उद्योग मंत्री को अधिसूचना रद्द करने का अधिकार नहीं है। राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण की किसी भी अधिसूचना को रद्द नहीं किया है और न ही रद्द की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना की अधिसूचना को रद्द करने का अधिकार उच्चाधिकार समिति को है। समिति ने अभी तक इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं दिया है।
इधर नाणार में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि परियोजना से पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा। लिहाजा पार्टी किसी भी कीमत पर इस परियोजना को नहीं लगने देगी। उद्धव के मुताबिक नाणार तो रहेगा लेकिन परियोजना यहां नहीं लगेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि यहां के किसानों की जमीन शाह और कटियार जैसे उद्योगपतियों ने कैसे खरीद ली। इस परियोजना का लाभ गरीब किसानों को कैसे मिलेगा। उद्धव ने हवाला दिया कि उद्योग मंत्री देसाई ने परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना रद्द कर दी है। इससे पहले नाणार इलाके के 27 गांवों के लोगों ने शिवसेना की सभा बहिष्कार करने की घोषणा की थी। ग्राम वासियों का आरोप है कि शिवसेना उन्हें फंसा रही है।
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