टीचर्स आंदोलन: भैंस के आगे बीन बजाओ भैंस खड़ी पगुराय !

Download PDF

भोपाल, सातवें वेतनमान की मांग को लेकर 5 जुलाई से प्रारंभ हुए मध्यप्रदेश प्रांतीय प्राध्यापक संघ के आंदोलन के पहले दिन भोपाल के सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या महावियालय के गेट पर प्रमुख आकर्षण का केंद्र एक भैंस थी. प्राध्यापकों ने भैंस के आगे बिन बजा कर आंदोलन की शुरुआत की. “भैंस के आगे बीन बजाओ भैंस खड़ी पगुराय” मुहावरे को चरितार्थ करते हुए प्राध्यापकों ने सांकेतिक विरोध दर्ज कराया की सातवें वेतनमान की मांग बार-बार उठाई जाने के बाद भी शासन सोया हुआ हैं. मध्यप्रदेश के कोलेजी प्राध्यापक सातवें वेतन को लागू किए जाने की माँग को ले कर सड़क पर उतार आएँ हैं और असहयोग आंदोलन कर रहे हैं.

प्रांतीय अध्यक्ष डॉक्टर कैलाश त्यागी ने इस अवसर पर कहा कि जो समाज व राष्ट्र शिक्षक का सम्मान नहीं करता,उसको सम्मान पूर्वक जीवन जीने का अधिकार नहीं देता वह राष्ट्र कभी उन्नति नहीं करता. शिक्षक सिर्फ हक के लिए नहीं लड़ रहे. नौकरशाहों को यह बताना भी है कि हम अपनी ईमानदारी मेहनत के बल पर जो भी अर्जित करते हैं वह हमारा हक है और वह सम्मानजनक तरीके से हमें मिलना ही चाहिए. उसके लिए सड़क पर उतरने के लिए बाध्य ना करें..

संभाग के सभी बड़े पदाधिकारियों की उपस्थिति में प्रांतीय अध्यक्ष डॉक्टर कैलाश त्यागी ने सभी प्राध्यापकों का आवाहन किया कि वह इस आंदोलन में सहभागी बने एवं अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने के लिए आगे आएँ. भैंस के आगे बीन बजाने वालों में प्राध्यापक पदाधिकारी एवं प्रांतीय शासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डॉक्टर कैलाश त्यागी डॉ प्रभात पांडे शामिल थे.

प्रांतीय अध्यक्ष डॉक्टर कैलाश त्यागी ने इस अवसर पर कहा कि जो समाज व राष्ट्र शिक्षक का सम्मान नहीं करता,उसको सम्मान पूर्वक जीवन जीने का अधिकार नहीं देता वह राष्ट्र कभी उन्नति नहीं करता. शिक्षक सिर्फ हक के लिए नहीं लड़ रहे. नौकरशाहों को यह बताना भी है कि हम अपनी ईमानदारी मेहनत के बल पर जो भी अर्जित करते हैं वह हमारा हक है और वह सम्मानजनक तरीके से हमें मिलना ही चाहिए. उसके लिए सड़क पर उतरने के लिए बाध्य ना करें..

Download PDF

Related Post