“उद्धव ने पार्टी में वापस नहीं आने दिया”

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मुंबई। शिवसेना के पूर्व नेता औऱ पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने अपनी आत्मकथा के माध्यम से शिवसेना छोड़ने के कारणों का चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि उन दिनों उद्धव ठाकरे ने शिवसेना प्रमुख बालसाहेब ठाकरे को धमकी दी थी कि यदि राणे को पार्टी में वापस लिया गया, तो वे पत्नी रश्मि के साथ घर छोड़ देंगे। 
राणे की आत्मकथा में खुलासा 
राणे ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि 14 अप्रैल 2005 को रवींद्र नाट्य मंदिर में हुई सभा में शिवसैनिकों को गलत तरीके सिखाने का आरोप लगाते हुए, उद्धव ने मुझे पार्टी से निकालने की मांग की थी। मैनें शिवसेना से इस्तीफा दे दिया। बालासाहेब ने मुझे फोन करके फिर से विचार करने का सुझाव दिया था। जब यह बात उद्धव को पता चली तो वे बालासाहेब के पास गए और धमकी दी कि यदि राणे को पार्टी में वापस लिया गया तो वे और रश्मि घर छोड़ देंगे। यह बात मेरे करीबी शिवसैनिकों ने मुझे बताई थी। 
 
महाराष्ट्र स्वाभिमान पार्टी के अध्यक्ष व भाजपा कोटे से राज्यसभा सदस्य राणे ने अपनी किताब में लिखा है कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी को मेरे प्रति गुस्सा था, क्योंकि उन्हें लगता था कि मेरी वजह से उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। भले ही जोशी को शिवसेना का शुभचिंतक माना जाता रहा हो, लेकिन उन्हीं के कारण शिवसेना की एेसी हालत हुई है। वे उद्धव के करीबी होने लगे थे। जोशी ने विपक्ष के नेता के लिए सुभाष देसाई का नाम आगे किया था। 
 
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र स्वाभिमान पार्टी के संस्थापक नारायण राणे की आत्मकथा लिखने की जानकारी कुछ दिन पहले उनके पुत्र नितेश राणे ने ट्वीट कर दी थी। उन्होंने ट्वीट में लिखा था ‘अब आएगा मजा, सबका हिसाब होगा’। नितेश ने संकेत दिया था कि नारायण राणे की आत्मकथा से कई चौंकाने वाले विस्फोट होंगे। नारायण राणे की आत्मकथा की प्रति मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी भेंट की गई है। बहरहाल राणे की आत्मकथा को लेकर अभी शिवसेना नेताओं की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। 
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