राज्यपाल ने दिया विश्वविद्यालयों की रैंकिंग बढ़ाने का आदेश 

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कोंग्रेस के आरोप के बाद राज्यपाल ने की त्वरित कार्रवाही !

मुंबई- राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलरों को विश्वविद्यालयों की रैंकंिग बढ़ाने के लिए मशिन मोड पर काम करने  का आदेश दिया है। साथ ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी विश्ववद्यिालयों को अगली बैठक में प्रगति रिर्पोट का प्रस्तुतिकरण देने का निर्देश दिया है।
कांग्रेस ने मुंबई विश्वविद्यालय (एमयू) के गिरते शिक्षा स्तर को लेकर राज्य सरकार और राज्यपाल सी. विद्यासागर राव की कड़ी आलोचना की थी । केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई शिक्षा संस्थानों की आंकड़ेवारी का हवाला देते हुए पार्टी के प्रदेश महासचिव सचिन सावंत ने आरोप लगाया था कि एमयू का क्रमांक डेढ़ सौ से भी नीचे चला गया है। एमयू की दुर्गति के लिए राज्य सरकार और राज्यपाल जिम्मेदार हैं। (रिपोर्ट पढ़ने के लिए  लिंक पर क्लिक करें  http://6dnews.com/mu-below-standard/)
शनिवार को सहयाद्रि गेस्ट हाउस में राज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिती में अकृषि वश्विवद्यिालयों के वाइस चांसलरों का बैठक आयोजित की गई थी। राज्यपाल ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से उच्च शिक्षा संस्थांनों को ‘नेशनल इन्स्टिट्युशनल रैकिंग फ्रेरमवर्क (एनआयआरएफ) रैंकिंग दी जाती है।  इन मानकों में महाराष्ट्र के अधिक से अधिक विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को शामिल होना चाहिए। विश्वविद्यालय के मानकों को अग्रक्रम में लाने के लिए वाइस चांसलर मिशन मोड पर काम करें। राज्यपाल ने कहा  कि विश्वविद्यालय के मनकों को अग्रक्रम में लाने के लिए सभी विश्वविद्यालय प्रारूप तैयार करें। साथ ही सभी उपकुलपति आगामी दिनों में परीक्षा फल समय पर घोषित करने, विश्वविद्यालय कॉलेजों में विद्याथिज़्यों के लिए  स्वच्छ स्वच्छतागृह उपलब्ध कराने पर ध्यान देने,  कालबध्द पध्दति से  एकात्मिक विद्यार्थी  प्रबंधन  प्रणाली विकसित कर उसे कार्यन्वित करने,  शैक्षणिक लेखापरीक्षण करना, प्रोफेसरों और शिक्षा स्टाफ  की नियुक्ति के संबंध में  योजनाबद्ध पद्धति से  काम करना जरूरी है।  चॉईस बेस क्रेडिट सिस्टिम और कौशल शिक्षा पर आधारित  पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय और कॉलेजों में शुरू करने के बाद प्रगति रपिोर्ट समय पर समय पर प्रस्तुत की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपकुलपति अपने ज्ञान और अनुभव का उपयोग विश्वविद्यालय की गुणवत्ता सुधारने में करें। उन्हें शिक्षा निर्माता के रूप में देखा जाता है। अगली बैठक में प्रत्येक उपकुलपति अपने विश्वविद्यालय का प्रगति आलेख का प्रस्तुतिकरण के माध्यम से दें। विश्वविद्यालय की रैंकिग बढ़ाने को महत्व देते हुए, उसका विस्तृत अध्ययन किया जाए। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के माध्यम से कुशल और प्रयोगशील मनुष्यबल तैयार करते हैं। विश्वविद्यालय का परिसर साफ-सुथरा और विद्यार्थियों को अच्छी सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाए। केंद्र सरकार एलईडी लाइट को प्रोत्साहन दे रही है। सभी विश्वविद्यालय  एलईडी लाइट, बेहतर सेवा-सुविधा के लिए प्रयास करें।
कॉलेजों को मिले स्वायत्तता
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई कॉलेजों में अच्छी शिक्षा प्रणाली लागू की जा रही है और ये कॉलेज शैक्षणिक प्रगति में सबसे ऊपर हैं। आने वाले दिनों में सबसे अच्छी शैक्षणिक प्रगति करनेवाले कॉलेजों को स्वायत्तता देना आवश्यक है। स्वायत्तता देने के बाद उच्च और तकनीकी विभाग इन कॉलेजों की समीक्षा करे।
45 दिनों के भीतर घोषित हो परीक्षा परिणाम
उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री  श्री. तावडे ने इस अवसर पर कहा कि सभी विश्वविद्यालयों की समय पर परीक्षा कराना, इसीतरह 45 दिनों के अंदर ली गई परीक्षा की परिणाम घोषित करना जरूरी है। विश्वविद्यालय इस दृष्टिकोण से कायज़्वाही करें।
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