पाक के करतारपुर साहिब की तीर्थयात्रा वीज़ा मुक्त

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अटारी, पाकिस्तान ने भारत के हिस्से को जोड़ने के लिए एक पुल बनाने और भारतीय पासपोर्ट धारकों तथा ओसीआई कार्ड-धारकों के लिए वीजा मुक्त यात्रा के वास्ते ‘‘सैद्धांतिक रूप में सहमति’’ दे दी है। करतारपुर गलियारे के स्वरूप पर चर्चा के लिए अटारी-वाघा सीमा पर दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच हुई एक बैठक के दौरान भारत ने अपनी सुरक्षा चिंताओं को रखा।

‘‘सैद्धांतिक रूप में सहमति’’

भारत ने करतारपुर साहिब गुरुद्वारा की तीर्थयात्रा को बाधित करने के पाकिस्तान के कुछ व्यक्तियों और समूहों के संभावित प्रयासों को लेकर इस्लामाबाद को रविवार को एक दस्तावेज सौंपा जिसके बाद इस्लामाबाद ने आश्वासन दिया कि भारत-विरोधी किसी भी गतिविधि की इजाजत नहीं दी जाएगी। इससे पूर्व नयी दिल्ली ने इस परियोजना पर पाकिस्तान द्वारा नियुक्त समिति में एक प्रमुख खालिस्तानी अलगाववादी की मौजूदगी पर अपनी चिंताओं से पाकिस्तान को अवगत कराया था। परियोजना पर वार्ता के दूसरे दौर के बाद गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस सी एल दास ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि विवादित सिख नेता गोपाल सिंह चावला को पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (पीएसजीपीसी) के महासचिव पद समेत विभिन्न संस्थाओं से हटा दिया गया है।

भारत की ओर अटारी सीमा पर संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान में कुछ व्यक्तियों या संगठनों के तीर्थयात्रा को बाधित करने और तीर्थयात्रियों की भावनाओं के साथ खेलने संबंधी चिंताओं को साझा किया गया। इस मामले से संबंधित चिंताओं को लेकर एक दस्तावेज पाकिस्तान को सौंपा गया है।’’  भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले संयुक्त सचिव ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष ने हमारे प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि भारत-विरोधी किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जायेगी।

चावला पर दास ने कहा, ‘‘हमने पुष्टि की मांग की थी कि गोपाल सिंह चावला जैसे व्यक्तियों को उन निकायों से हटा दिया गया है जिन पर हमने आपत्ति जताई थी। इसलिए उन्होंने पुष्टि की कि चावला को पीएसजीपीसी और अन्य निकायों से हटा दिया गया है।’’  उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष को अमेरिका स्थित खालिस्तान समर्थक संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ पर भारत सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाये जाने के बारे में अवगत कराया गया।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने करतारपुर साहिब गुरुद्वारा में भी वाणिज्य दूत की उपस्थिति मांगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तीर्थयात्रियों को सहायता प्रदान की जा सके। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस सी एल दास ने किया। इस प्रतिनिधिमंडल में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय,रक्षा मंत्रालय, पंजाब सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रतिनिधि शामिल थे।

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